सोमवार, 17 जुलाई 2017

छन्न पकैया(शौंचालय बनवाना)

*शौंचालय बनवाना*

छन्न पकैया छन्न पकैया,खुला शौंच ना जाना
दूर बिमारी घर से रखने,शौंचालय बनवाना।।1

छन्न पकैया छन्न पकैया,सुन लो बात हमारी।
बनवाओ घर में शौंचालय,घर की इज्जत नारी।।2

छन्न पकैया छन्न पकैया,स्वच्छ रखो जिनगानी।
साफ़ रखो तुम आसपास को,साफ़ रखो जी पानी।।3

छन्न पकैया छन्न पकैया,क्या है भारत उन्नति?
अस्वच्छता के कारण ही,भारत की ये दुर्गति।।4

छन्न पकैया छन्न पकैया,खोल आंकड़ा देखा।
दस देशों में सबसे आगे,अस्वच्छता की रेखा।।5

छन्न पकैया छन्न पकैया,स्वच्छ देश हो अपना।
आओ मिलके पूर्ण करें सब,बापू जी का सपना।।6

रचना- इंजी.गजानंद पात्रे *सत्यबोध*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कुण्डलिया छंद - (छत्तीसगढ़ी जनउला)

[01] कुण्डलियाँ छंद - जनउला रहिथे दू ठन गोलवा, एक बीच मा छेद। घूमे चिपका अंग ला, जानौ येखर भेद।। जानौ येखर भेद, दबा मुट्ठा भर लेना। बइठे टाँ...