शुक्रवार, 8 मई 2026

हाइकु-

 1. हाइकू- *उम्र*


​कोरी सी उम्र,

कागज़ की नाव है,

खुशी अपार।


​उम्र की धूप,

सपनों के हैं पंख,

ऊँची उड़ान।


​बीतती उम्र,

माथे की लकीरें हैं,

लिखा अनुभव।


​रुकती उम्र,

यादों के झरोखे में,

बीता कल है।


​ढलती उम्र,

सूरज की लाली सी,

शांत स्वभाव।


​उम्र की धार,

बहता ही जाए ये,

वक़्त का दरिया।


​कच्ची है उम्र,

मिट्टी का ये खिलौना,

अंत सलोना।

✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध"

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 01/05/2026

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2. हाइकु - *उम्र*


​उम्र की धार

बहती ही जाए ये

रुकती नहीं।


​पकते बाल

तजुर्बों की पोटली

उम्र का सार।


​बीती वो उम्र

कागज़ की कश्ती वो

ढूँढे ये मन।


​ढलती उम्र

सूरज की लालिमा

शांति अपार।


​चेहरे झुर्री

किस्सों की ये किताब

उम्र की छाप।

✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध"

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 02/05/2026

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3. हाइकु- *आभूषण*


​चमक न्यारी

मुखड़े पे निखार

गहना प्यारा।


​काँच की चूड़ी

खनकती कलाई

पिया की याद।

​पुरानी रीति

सोने की ये चमक

विरासत है।


​बिना गहना 

रूप तेरा निखरे

सच्चा श्रृंगार।


​पायल बाजे

छम-छम आँगन

मन रिझाए।

✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध"

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 04/05/2026

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4. हाइकु - *आंधी तूफान*


नभ गरजा

धूल भरी आंधी है

दृश्य धुंधला।

पेड़ कांपते

तूफानी वेग बढ़ा

पत्ते उड़े हैं।

खिड़की बजी

शोर मचाती हवा

भय पसरा।

तिनके उड़े

बवंडर का खेल

धूल का घेरा।

चीखती हवा

बादलों की गर्जना

तीव्र बिजली।

जड़ें अडिग

झुक गई डालियाँ

वेग प्रचंड।

शांत हुआ है

तूफान का तांडव

सन्नाटा छाया। 

✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे (सत्यबोध)

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)06/05/2026

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5. हाइकु - जन्मदिवस की बधाई

​आया जन्मदिन

खुशियों की हो वर्षा

मंगलमय।


​उगे सूरज

नई राहें दिखाएँ

कामयाब हो।


​महके बगिया

बधाई के ये स्वर

गूँजते रहें।


​दीप जलते

अंधेरा दूर भागे

चमको सदा।


​सजें सपने

हौसलों की उड़ान

शुभकामना।

✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध"

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 06/05/2026

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6. ​हाइकु- *धरोहर*

पुरानी यादें

सँजोए विरासत

धरोहर को।

सांझी संस्कृति

अनमोल खज़ाना

रखें सँभाल।

पुरखों की देह

माटी की है महक

अमर रहे।

कल की नींव

आज का गौरव है

शान देश की।

सभ्यता दीप

अँधेरे में प्रकाश

अमिट छाप।

पीढ़ी-से-पीढ़ी

मिलता उपहार

सच्चा धन है।

रक्षा संकल्प

कर्तव्य है हमारा

बचे धरोहर।

✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध"

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 08/05/2026

हाइकु-

 1. हाइकू- *उम्र* ​कोरी सी उम्र, कागज़ की नाव है, खुशी अपार। ​उम्र की धूप, सपनों के हैं पंख, ऊँची उड़ान। ​बीतती उम्र, माथे की लकीरें हैं, लिखा...