मंगलवार, 16 अगस्त 2022

सर्वगामी सवैया-

 भूखा पड़े आज दाई ददा-

भूखा पड़े आज दाई ददा तोर बेटा मया मोह मा तैं भुलाये ।

तोला सुहागे रजाई ग सोफा कभू जेन तोला बईंहा सुलाये ।।

नौ मास जे कोंख राखे खुदे भूख छाती लिये दूध तोला पिलाये ।

बोली लगे नीम खाये करेला कभू मार ताना बुढापा रुलाये ।।


हे देव दाई ददा ही बड़े

दाई ददा भूख प्यासा पड़े देख देवा मनाये ल बेटा चले हे।

हे अंधियारी दुवारी हिया बाहरी मा दिखावा ग दीया जले हे।। तोला बड़े पाल पोसे करे हे पढाये दिये बुद्धि साँचा ढले हे। हे देव दाई ददा ही बड़े जी गजानंद आनंद पौंरी तले हे।। ✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध" बिलासपुर

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 10/07/2024


पाबे कहाँ मान सम्मान ला

पाबे कहाँ मान सम्मान ला छोड़ जाबे कहूँ गाँव मेला मड़ाई। धोखा दगा लूट चारो मुड़ा खूब माते हवै देख रोजे लड़ाई।। बैरी विदेशी करे लूट फेरा हवै लोभ मा आँख ला तो गड़ाई। छोड़ौ बहाना गजानंद भाई मिले गाँव ले ही सबो ला बड़ाई।। ✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध" बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 27/07/2024


राखी बँधा ले मयारू

राखी बँधा ले मयारू मया ला लमाये चले आय हौं गाँव भाई। लाये हवौं बाँध के मैं दुआ अंचरा छोर मा तो बतासा मिठाई।। आबे तहूँ तीज पोरा लवाये रखौं आस हौं नैन मा तो समाई। हे छूटगे साथ तो जन्मदाता तहीं मोर भाई ददा मोर दाई।। ::::::::::::::सर्वगामी सवैया:::::::::::::: ✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध" बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 19/08/2024


दाई ददा बोझ होगे

दाई ददा बोझ होगे सुनौ आज, बेटा बहू रोज ताना सुनाये। आगे बुढ़ापा करू बोल लागे, दिखे नैन मा प्रेम पीरा समाये।। लोरी सुनाये मया गोद मा, थाम के ऊँगली रेंगना हे सिखाये। दाई ददा बाँट डारे गजानंद, का थोरको लाज तोला न आये।। ::::::::::::::सर्वगामी सवैया::::::::::::: ✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध" बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 09/09/2024


राखे चलौ कर्म नेकी भलाई

ताला जड़े सोच मा तो पड़े ढोंग पाखंड ला कर्म पूजा बनाये। जाने नहीं सत्य के बात ला झूठ ला थाम इंसान माथा नवाये।। थामे गुलामी हवैं धर्म के लोग ईमान माया सबो ला लुटाये। राखे चलौ कर्म नेकी भलाई गजानंद जी मान सम्मान पाये।। :::::::::::::::::सर्वगामी सवैया::::::::::::::: ✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध" बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 22/09/2024


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