कहे हे संत घासी हा
कहे हे संत घासी हा, बसा ले नाम काया मा ।
कहाँ तैं तो पड़े भाई, उधारी मोह माया मा ।
रखे हे का बता दे तैं, सगा मोरे पराया मा ।
उड़ा जाही इही हंसा, जुड़ा जी ज्ञान छाया मा ।।
सबो हे एक भाई
सबो हे एक भाई ता, बता का के लड़ाई हे ।
रहौ सुंता धरे बाँधे, इही मा तो बड़ाई हे ।
मनावौ ईद दीवाली, इहाँ रोजे मड़ाई हे ।
रखे सुंता सबेरा ला, उठौ ले अंगड़ाई हे ।।

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